गृह जलकर मृत्यु उपरांत नामांतरण शपथ पत्र फॉर्मेट
गृह जलकर मृत्यु उपरांत नामांतरण शपथ पत्र online fill, edit, print और PDF download करें। उत्तराधिकारी नामांतरण हेतु सही फॉर्मेट पाएँ।
फॉर्मेट विवरण
यह गृह-जलकर मृत्यु उपरांत उत्तराधिकारी के पक्ष में नामांतरण/म्यूटेशन format, जिसका format number KA/UP126 है, स्थानीय विभाग से संबंधित है।
फॉर्मेट का उद्देश्य
यह गृह-जलकर मृत्यु उपरांत उत्तराधिकारी के पक्ष में नामांतरण/म्यूटेशन शपथ पत्र फॉर्मेट तब उपयोग होता है जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद संपत्ति या जलकर रिकॉर्ड उत्तराधिकारी के नाम पर दर्ज करना होता है। इसमें आवेदक उत्तराधिकारी के रूप में अपनी जानकारी शपथ के साथ प्रस्तुत करता है।
उपलब्ध सुविधाएँ
इस पेज पर उपलब्ध फॉर्मेट को उपयोगकर्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार online fill, edit, print और PDF download कर सकता है। यह सुविधा free use के लिए है और आवेदन, प्रार्थना पत्र, शपथ पत्र, एफिडेविट या अन्य दस्तावेज तैयार करने में मदद करती है। कचेहरी UP पर ऐसे कई उपयोगी format निशुल्क उपलब्ध हैं, जिन्हें कोई भी अपने काम के अनुसार उपयोग कर सकता है।
Format Preview / फॉर्मेट प्रीव्यू
G-I
सक्षम-श्रीमान........................................ महोदय,
.........................................................
शपथ पत्र (गृह-जलकर मृत्यु उपरांत उत्तराधिकारी के पक्ष में नामांतरण/म्यूटेशन)
मैं............................................. आयु लगभग......... वर्ष पुत्र/पुत्री/पत्नी.................................................. पता ग्राम/मोहल्ला-........................................................................................ तहसील-....................... जनपद-......................... का/की स्थाई/अस्थाई निवासी/निवासिनी है तथा सशपथ निम्न बयान करता/करती हूँ:-
धारा-1यह कि मकान/दुकान/सम्पत्ति जिसका गाटा/प्लाट/मकान/दुकान संख्या-......................................................... स्थित ग्राम/मोहल्ला-....................................................................... परगना/वार्ड-....................................... तहसील-............................ जनपद-......................... जो मृतक.................................................. पुत्र/पुत्री/पत्नी-.............................................. निवसी-................................................................................. तहसील-........................... जनपद-............................................. सम्पूर्ण स्वामी/स्वामिनी काबिज दखील थे।
धारा-2यह कि उक्त मकान/दुकान/सम्पत्ति के स्वामी/स्वामिनी की मृत्यु दिनांक-................... को हो गई है।
धारा-3यह कि मृतक के जायज उत्तराधिकारी निम्न है-
...................................................................................................................................................
...................................................................................................................................................
इसके अतरिक्त अन्य कोई उत्तराधिकारी नहीं है।
धारा-4यह कि उपरोक्त मकान/दुकान/सम्पत्ति का शपथी/शपथिनी अपने नाम गृह-जलकर/नामांतरण/म्यूटेशन जरिये वरासत के आधार पर करवाना चाहता/चाहती है।
धारा-5यह कि उपरोक्त मकान/दुकान/सम्पत्ति की चौहद्दी-
पूरब-............................................ पश्चिम-.......................................
उत्तर-........................................... दक्षिण-......................................
लम्बाई-................. फिट, चौड़ाई-......................... फीट कुल क्षेत्रफल.......................... वर्गफीट
उक्त मकान/दुकान/सम्पत्ति के सामने रास्ता-................................. फिट का है।
धारा-6यह कि शपथी/शपथिनी ने पूर्ण जाँच-पड़ताल, पूछताछ तथा उपलब्ध अभिलेखों के अवलोकन के उपरांत यह सुनिश्चित कर लिया है कि उपरोक्त मृतक ने अपने जीवनकाल में उपरोक्त मकान/दुकान/सम्पत्ति को किसी व्यक्ति के पक्ष में न तो रजिस्टर्ड विक्रय विलेख, वसीयतनामा, दानपत्र अथवा अन्य किसी पंजीकृत प्रलेख के माध्यम से हस्तांतरित किया था और न ही किसी अपंजीकृत माध्यम से विक्रय अथवा हस्तांतरण किया था। तथा मृतक की मृत्यु से पूर्व शपथी/शपथिनी एवं मृतक के मध्य किसी प्रकार का वाद-विवाद, मनमुटाव, संपत्ति संबंधी विवाद नहीं था और न ही किसी न्यायालय/प्राधिकरण में कोई प्रकरण लंबित नहीं था।
धारा-7यह कि उक्त मकान/दुकान/सम्पत्ति पर शपथी/शपथिनी वैध कब्जा एवं स्वामित्वाधिकार है और शपथी/शपथिनी उक्त संपत्ति केवास्तविक स्वामी/स्वामिनीहैं, तथा मृतक की मृत्यु के आधार पर शपथी/शपथिनी के नाम गृह-जलकर/नामांतरण/म्यूटेशन किया जाना न्यायोचित है।
धारा-8यह कि उक्त मकान/दुकान/सम्पत्ति पर किसी भी प्रकार केविवाद, वाद-विवाद, स्थगन आदेश, कुर्की, निषेधाज्ञा, बंधक, अधिभार, कब्जा-विवाद, पारिवारिक विवाद, न्यायालयीन वाद अथवा अन्य कानूनी बाधासे ग्रस्त नहीं है। यदि भविष्य में कोई विवाद प्रकाश में आता है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी शपथी/शपथिनी होगी।
धारा-9यह कि उक्त मकान/दुकान/सम्पत्ति के संबंध में किसी अन्य व्यक्ति का कोई वैध हक, हिस्सा, दावा, आपत्ति, सह-स्वामित्व, बंटवारा दावा अथवा कब्जेदारी अधिकार नहीं है।
धारा-10यह कि उक्त संपत्ति का समस्त विवरण, क्षेत्रफल, चौहद्दी, रास्ता, लंबाई-चौड़ाई आदि मेरे अभिलेखों एवं दस्तावेजों के अनुसार सही एवं सत्य है। यदि भविष्य में किसी तथ्य में त्रुटि पाई जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी शपथी/शपथिनी होगी।
धारा-11यह कि यदि भविष्य में किसी सक्षम न्यायालय, प्राधिकारी अथवा विभाग द्वारा उक्त संपत्ति के संबंध में कोई विपरीत तथ्य, आपत्ति या विवाद पाया जाता है, तो उसके लिए शपथी/शपथिनी स्वयं उत्तरदायी रहेगा/रहेगी तथा निकाय/विभाग के विरुद्ध कोई दावा प्रस्तुत नहीं करूँगा/करूँगी।
धारा-12यह कि यह शपथ-पत्र शपथी/शपथिनी गृह-जलकर/नामांतरण/म्यूटेशन की कार्यवाही हेतु स्वेच्छा से, बिना किसी दबाव, प्रलोभन अथवा भय के निष्पादित कर रहा/रही हूँ।
धारा-13यह कि शपथी/शपथिनीने किसी प्रकार का कोई तथ्य छिपाया नहीं है।
ह०/नि०अं०शपथी/शपथिनी
सत्यापन:-
मैं शपथी/शपथिनी सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथ-पत्र की धारा 1ता13 मेरे निजी ज्ञान से सही व सत्य हैं, जिसका सत्यापन कचेहरी/तहसील......................................................... में दिनांक-............................. किया गया।
ह०/नि०अं०शपथी/शपथिनी
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