KACHEHRI UP

किरायानामा दुकान/मकान/गोदाम/हाल | KACHEH

Format No: KA/UP52

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                         G-A

किरायानामा/इकरारनामा/अनुबंध-पत्र

मै...................................................  पुत्र/पुत्री/पत्नी....................................... पता ग्राम/मोहल्ला-........................................................................................... तहसील-.................................. जनपद-................................. का/की हूँ। (आधार कार्ड संख्या-................................................)

.................प्रथम पक्ष/स्वामी

एवं

मै...................................................  पुत्र/पुत्री/पत्नी....................................... पता ग्राम/मोहल्ला-........................................................................................... तहसील-.................................. जनपद-................................. का/की हूँ।

(आधार कार्ड संख्या-........................................................)

.............द्वितीय पक्ष/किरायेदार

हम उभय पक्ष बिना किसी जोर दबाव व लालच के स्वस्थ्य मस्तिष्क से आपस मे किराया सम्बन्धी अनुबन्ध करते हुए निम्नलिखित शर्तों मे पाबन्द होते हैं-

1.यह कि दुकान/मकान/गोदाम/हाल स्थित...................................................................... का/की प्रथम पक्ष स्वामी/स्वामिनी है।

2.यह कि प्रथम पक्ष ने अपना उपरोक्त दुकान/मकान/गोदाम/हाल द्वितीय पक्ष को दिनांक-............................... से ................. माह/वर्ष के लिए किराये पर ........................................................................................... दिया है।

3.यहकि द्वितीय पक्ष द्वारा उक्त दुकान/मकान/गोदाम/हाल के किराये के रूप में प्रथम पक्ष को प्रतिमाह रूपये................... /- (शब्दों में)................................................................  अदा करता रहेगा।

4.यह कि द्वितीय पक्ष उक्त दुकान/मकान/गोदाम/हाल का किराया प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में भुगतान कर दिया करेगा जिसमे किसी प्रकार की चूक नहीं करेगा।

5.यह कि द्वितीय पक्ष दो माह पूर्व सूचना देकर जब चाहे दुकान/मकान/गोदाम/हाल खाली कर सकता है तथा प्रथम पक्ष भी दो माह पूर्व नोटिस देकर दुकान/मकान/गोदाम/हाल खाली करा सकता है। जिसमें किसी पक्ष को कोई आपत्ति नहीं होगी।

6.यह कि द्वितीय पक्ष उक्त दुकान/मकान/गोदाम/हाल का रख रखाव ठीक प्रकार से रखेगा तथा बिना प्रथम पक्ष की अनुमति के कोई तोड-फोड या निर्माण आदि नही करायेगा यदि किसी कारणवश वह ऐसा करता है तो उसकी रिपेयरिंग की पूर्ण जिम्मेदारी द्वितीय पक्ष की होगी।

7.यह कि द्वितीय पक्ष उक्त दुकान/मकान/गोदाम/हाल में किसी भी प्रकार का कोई भी अनैतिक एंव गैर-कानूनी कार्य नहीं करेगा।

.यह कि द्वितीय पक्ष उक्त दुकान/मकान/गोदाम/हाल में कोई शिकमी किरायेदार नहीं रखेगा तथा दुकान/मकान/गोदाम/हाल जिस स्थिति में प्रथम पक्ष ने द्वितीय पक्ष को किराये पर दी है उसे यथास्थिति में वापस करेगा।

9.यह कि यह अनुबन्ध.............. माह/वर्ष के लिए है।............. माह/वर्ष पश्चात यदि दोनों पक्ष इस अवधि को आगे भी जारी रखना चाहते हैं तो आपसी सहमति से किराये में.......... प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ किरायानामा/इकरारनामा/अनुबंध-पत्र को आगे भी जारी रखा जा सकता है लिहाजा यह किरायानामा/इकरारनामा/अनुबंध-पत्र पत्र आज दिनांक-........................ को समक्ष गवाहान लिखवा दिया तथा पढ़ कर सुन समझकर अपने-अपने हस्ताक्षर/निशानी अंगूठा बनाये ताकि सनद रहे और वक्त जरूरत पर काम आ सके।

दिनांक-....................

स्थान-....................

गवाह ह०-

ह० प्रथम पक्ष/स्वामी

1-..............................

नाम.............................

पिता............................

पता.............................

ह० द्वितीय पक्ष/किरायेदार

2-...............................

नाम.............................

पिता............................

पता.............................

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